Women’s ODI World Cup : भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है. कप्तान हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने पहली बार आईसीसी वनडे विश्व कप 2025 का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया. फाइनल मुकाबले में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को हराते हुए वर्ल्ड चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया.इस शानदार जीत के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने टीम की उपलब्धि का जश्न मनाते हुए बड़ा नकद इनाम घोषित किया. बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने बताया कि वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम इंडिया को कुल 51 करोड़ रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा.
इसमें खिलाड़ियों, कोचों और सपोर्ट स्टाफ सभी को शामिल किया गया है. सैकिया ने एक इंटरव्यू में कहा कि ‘1983 में कपिल देव ने जब भारत को पहला पुरुष विश्व कप जिताया था, तब क्रिकेट में एक नया युग शुरू हुआ था. उसी तरह, आज हरमनप्रीत कौर और उनकी टीम ने महिला क्रिकेट में एक नई ऊर्जा और उम्मीद की लहर पैदा की है. उन्होंने केवल ट्रॉफी नहीं जीती, बल्कि पूरे देश का दिल जीत लिया है.’ उन्होंने आगे कहा कि यह जीत आने वाली महिला खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत साबित होगी.
महिला क्रिकेट को नए स्तर पर पहुंचाया
देवजीत सैकिया ने बीसीसीआई और आईसीसी की ओर से किए गए हालिया कदमों की भी चर्चा की.उन्होंने कहा कि जब से जय शाह ने बीसीसीआई का कार्यभार संभाला (2019 से 2024 तक), तब से महिला क्रिकेट के विकास में कई बड़े बदलाव हुए हैं.अब महिला खिलाड़ियों को पुरुष खिलाड़ियों के बराबर वेतन दिया जाता है. साथ ही, आईसीसी ने महिला क्रिकेट की पुरस्कार राशि में 300 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है.पहले वर्ल्ड कप की इनामी राशि 2.88 मिलियन डॉलर थी, जिसे बढ़ाकर अब 14 मिलियन डॉलर कर दिया गया है. इन सुधारों से महिला क्रिकेट को नई ऊंचाइयां मिली हैं.बीसीसीआई की 51 करोड़ रुपये की घोषणा ने इस उपलब्धि को और भी ऐतिहासिक बना दिया. यह सिर्फ एक खेल उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय महिला खिलाड़ियों के आत्मविश्वास और मेहनत की जीत है, जिसने क्रिकेट के इतिहास को सुनहरे अक्षरों में दर्ज कर दिया है.
भारत की जीत का रोमांचक सफर
फाइनल मैच में दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया.भारत की शुरुआत शानदार रही। सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने 58 गेंदों पर 45 रन की पारी खेली, जिसमें आठ खूबसूरत चौके शामिल थे. उनके साथ शैफाली वर्मा ने भी शानदार प्रदर्शन किया और 78 गेंदों पर 87 रन बनाए। दोनों के बीच 100 से अधिक रनों की साझेदारी ने टीम को मजबूत शुरुआत दी। इसके बाद जेमिमा रोड्रिग्ज़ ने 24 रनों की उपयोगी पारी खेली. कप्तान हरमनप्रीत कौर और दीप्ति शर्मा के बीच 52 रन की साझेदारी ने स्कोर को 200 पार पहुंचा दिया. दीप्ति ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 58 गेंदों पर 58 रन बनाए, जबकि ऋचा घोष ने 24 गेंदों में 34 रन जोड़कर अंत तक तेजी बनाए रखी। भारत ने 50 ओवरों में 7 विकेट के नुकसान पर 298 रन बनाए. दक्षिण अफ्रीका की ओर से अयाबोंगा खाका ने 3 विकेट हासिल किए.
दक्षिण अफ्रीका का संघर्ष
लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीका की शुरुआत अच्छी रही. तज़मिन ब्रिट्स और लौरा वोल्वार्ड्ट के बीच पचास रनों की साझेदारी ने टीम को संभाला. हालांकि जल्द ही तज़मिन 23 रन बनाकर आउट हो गईं. कप्तान वोल्वार्ड्ट ने शानदार बैटिंग जारी रखी और एनेरी डेरक्सन के साथ 61 रनों की साझेदारी की. वोल्वार्ड्ट बेहतरीन फॉर्म में थीं और उन्होंने केवल 98 गेंदों पर 101 रनों की पारी खेली, जिसमें 11 चौके और एक छक्का शामिल था. कुछ दिन पहले उन्होंने सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 169 रन बनाए थे। लेकिन जैसे ही दक्षिण अफ्रीकी टीम मजबूत स्थिति में लग रही थी, भारत की गेंदबाज दीप्ति शर्मा ने अपनी जादुई गेंदबाजी से मैच का रुख पलट दिया.
दीप्ति शर्मा बनीं हीरो
दीप्ति ने शानदार गेंदबाजी करते हुए फाइनल में 5 विकेट चटकाए और दक्षिण अफ्रीका को 246 रनों पर समेट दिया. वह विश्व कप फाइनल में पांच विकेट लेने वाली पहली भारतीय महिला बन गईं. भारत ने यह मुकाबला 52 रनों से जीतकर अपना पहला महिला वनडे विश्व कप अपने नाम किया. भारत की ऐतिहासिक जीत के बाद देशभर में जश्न का माहौल है. क्रिकेट फैंस ने हरमनप्रीत और उनकी टीम को सोशल मीडिया पर बधाइयों से भर दिया. प्रधानमंत्री, खेल मंत्री और कई पूर्व क्रिकेटरों ने भी इस जीत को महिला क्रिकेट के लिए मील का पत्थर बताया. इस जीत ने साबित कर दिया कि भारतीय महिला टीम अब दुनिया की सबसे मजबूत टीमों में शामिल है.
