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कौन हैं Zohran Mamdani? जो बनें अमेरिका के पहले भारतीय मूल के मुस्लिम मेयर

न्यूयॉर्क शहर के मेयर पद का चुनाव जोहरान ममदानी (Zohran Mamdani) ने जीत लिया है. इस जीत के साथ ही वे अमेरिका के सबसे बड़े शहर के मेयर बनने वाले पहले दक्षिण एशियाई और मुस्लिम व्यक्ति बन गए हैं. यह एक ऐतिहासिक पल है, क्योंकि इससे पहले कभी कोई दक्षिण एशियाई या मुस्लिम व्यक्ति इस ऊंचे पद तक नहीं पहुंचा था।34 साल के जोहरान ममदानी कई महीनों से इस चुनाव में सबसे आगे चल रहे थे. मंगलवार को हुए चुनाव में उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार कर्टिस स्लीवा को हराया, साथ ही, उन्होंने राजनीति के बड़े दिग्गज और न्यूयॉर्क राज्य के पूर्व गवर्नर एंड्रयू कुओमो को भी मात दी.

कुओमो इस बार स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे थे. ममदानी ने सबसे पहले डेमोक्रेटिक पार्टी की प्राइमरी चुनाव में कुओमो को हराया था. यह जीत उन्हें इस साल जून महीने में ही मिल गई थी और तब से वे मेयर पद की दौड़ में मजबूत दावेदार बने हुए थे. अब अंतिम चुनाव में उनकी जीत ने उन्हें न्यूयॉर्क शहर का मेयर बना दिया है. ममदानी ने सबसे पहले डेमोक्रेटिक पार्टी की प्राइमरी चुनाव में कुओमो को हराया था. यह जीत उन्हें इस साल जून महीने में ही मिल गई थी और तब से वे मेयर पद की दौड़ में मजबूत दावेदार बने हुए थे. अब अंतिम चुनाव में उनकी जीत ने उन्हें न्यूयॉर्क शहर का मेयर बना दिया है.

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जोहरान ममदानी कौन हैं? उनकी पूरी कहानी

जोहरान ममदानी भारतीय मूल के हैं। उनके पिता महमूद ममदानी कोलंबिया यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं और मां मीरा नायर एक मशहूर फिल्म डायरेक्टर हैं. मीरा नायर ने कई प्रसिद्ध बॉलीवुड और हॉलीवुड फिल्में बनाई हैं, जैसे ‘सलाम बॉम्बे’ और ‘मॉनसून वेडिंग. इस वजह से ममदानी का बॉलीवुड से एक तरह का कनेक्शन है, लेकिन खुद उन्होंने कभी फिल्मों में कोई काम नहीं किया है. उनका जन्म युगांडा की राजधानी कंपाला में हुआ था. बचपन वहीं गुजारा और सिर्फ सात साल की छोटी उम्र में वे अपने परिवार के साथ न्यूयॉर्क शहर चले आए. यहां आकर उन्होंने अपनी जिंदगी की शुरुआत की. ममदानी हाल ही में 2018 में अमेरिकी नागरिक बने हैं, यानी वे अभी-अभी पूरी तरह से अमेरिकी बनें हैं. शिक्षा की बात करें तो ममदानी ने न्यूयॉर्क के प्रसिद्ध ब्रोंक्स हाई स्कूल ऑफ साइंस से पढ़ाई की. इसके बाद उन्होंने बॉडॉइन कॉलेज से अफ्रीकाना स्टडीज में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की. कॉलेज के बाद उन्होंने एक खास काम किया वे जब्ती निवारण आवास कंसलटेंट (Repossession Prevention Housing Consultant) बने. आसान शब्दों में कहें तो वे क्वींस इलाके में रहने वाले कम आय वाले अश्वेत घर मालिकों की मदद करते थे. इन लोगों को घर से बेदखल होने का खतरा रहता था, लेकिन ममदानी ने उन्हें कानूनी लड़ाई लड़कर अपने घरों में सुरक्षित रखने में सहायता की.

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राजनीति में कदम: 2020 से शुरू हुई यात्रा

साल 2020 में जोहरान ममदानी पहली बार न्यूयॉर्क राज्य की विधानसभा के लिए चुने गए. वे 36वें विधानसभा जिले का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिसमें एस्टोरिया, डिटमार्स-स्टाइनवे और एस्टोरिया हाइट्स जैसे इलाके आते हैं. उनके आधिकारिक प्रोफाइल में लिखा है कि बैंकों से रोज बात करने के दौरान उन्हें समझ आया कि आवास का संकट कोई प्राकृतिक समस्या नहीं है. यह तो एक ऐसा चुनाव है जो लोग मुनाफे को लोगों से ज्यादा महत्व देते हैं. यानी बड़े बैंक और कंपनियां पैसे कमाने के लिए लोगों को घर से निकालती हैं, जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए.

मेयर बनने पर न्यूयॉर्कवासियों से किए बड़े वादे

चुनाव के दौरान ममदानी ने न्यूयॉर्क के लोगों से कई महत्वपूर्ण वादे किए थे. वे कहते हैं कि मेयर बनते ही सबसे पहला काम करेंगे शहर के सभी स्थायी किरायेदारों का किराया हमेशा के लिए फिक्स कर देंगे. मतलब, किराया बार-बार नहीं बढ़ेगा। साथ ही, वे हर संभव संसाधन का इस्तेमाल करके न्यूयॉर्क में लोगों की जरूरत के मुताबिक नए घर बनवाएंगे और किराए को कम रखेंगे. परिवहन के क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव का वादा है. ममदानी ने कहा कि शहर की हर बस में किराया पूरी तरह से खत्म कर देंगे, यानी बस यात्रा मुफ्त हो जाएगी. इसके अलावा, बसों और दूसरी गाड़ियों के लिए प्राथमिकता वाली स्पेशल लेन बनाएंगे ताकि ट्रैफिक जाम कम हो. जो लोग डबल पार्किंग करके रास्ता ब्लॉक करते हैं, उन्हें हटाने के लिए अलग-अलग लोडिंग जोन बनवाएंगे. इससे शहर की सड़कें ज्यादा सुचारू रूप से चलेंगी. कुल मिलाकर, जोहरान ममदानी की जीत न्यूयॉर्क शहर के लिए एक नई शुरुआत है. वे आवास, किराया और पब्लिक ट्रांसपोर्ट जैसे आम लोगों के मुद्दों पर फोकस करके शहर को बेहतर बनाने का वादा कर रहे हैं. उनकी कहानी एक आम आप्रवासियों की सफलता की मिसाल है, जो छोटी उम्र में अमेरिका आए और अब सबसे बड़े शहर के मेयर बन गए.

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