Ram Mandir: राम भक्तों के लिए अयोध्या (Ayodhya) से एक बहुत बड़ी और खुशी भरी खबर आई है. पिछले कुछ दिनों में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बताया है कि भगवान श्रीराम का भव्य और दिव्य मंदिर अब पूरी तरह से बनकर तैयार हो चुका है. मुख्य मंदिर के साथ-साथ परकोटा यानी चारदीवारी के अंदर बने छह अन्य छोटे मंदिर भी पूरे हो गए हैं. ये मंदिर भगवान शिव, भगवान गणेश, भगवान हनुमान, सूर्यदेव, देवी भगवती और देवी अन्नपूर्णा को समर्पित हैं. सभी मंदिरों पर ध्वजदंड यानी झंडा लगाने वाला खंभा और कलश की स्थापना भी कर दी गई है.
इस तरह परकोटा के अंदर के सभी छह मंदिरों का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है. इसी के साथ रामजन्मभूमि परिसर में 25 नवंबर को एक बड़ा ध्वजारोहण समारोह आयोजित होने वाला है, और इसके लिए तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से मंदिरों के पूरे होने पर एक भव्य उत्सव की योजना बनाई गई है, और इसमें भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है.
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3000 करोड़ रुपये का दान
इसी बीच राम मंदिर के निर्माण को लेकर एक और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है. राम मंदिर बनाने के लिए चले निधि समर्पण अभियान में देश-विदेश के लाखों राम भक्तों ने अपने दिल खोलकर दान दिया. कुल मिलाकर 3000 करोड़ रुपये से भी ज्यादा की राशि रामलला को समर्पित की गई. भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष ने बताया कि अब तक लगभग 1500 करोड़ रुपये की बिलिंग हो चुकी है, मतलब इतना पैसा निर्माण कार्य पर खर्च किया जा चुका है. मंदिर परिसर में बाकी बचे कार्यों को जोड़कर कुल खर्च का अनुमान करीब 1800 करोड़ रुपये तक है.
🚩THE RISE OF HINDU CIVILIZATION & SANATAN DHARMA AFTER 500 YEARS🛕
— Bhakt Prahlad🚩 (@RakeshKishore_l) October 28, 2025
We are the luckiest generation who are able to see SHRI RAM Mandir Completion for which Ancestors fought all their life.
Jai Jai Shree Ram 🙏 https://t.co/m3trY3HDlG pic.twitter.com/rHfbz0tI5T
इतना बड़ा आर्थिक सहयोग
अध्यक्ष जी ने आगे कहा कि शुरू में किसी ने सोचा भी नहीं था कि इतना बड़ा आर्थिक सहयोग मिलेगा, लेकिन राम भक्तों की गहरी आस्था और श्रद्धा ने इसे सच कर दिखाया. राम भक्तों ने जो दान दिया है, वह अपने आप में एक अनोखा और प्रेरणादायक उदाहरण है।इस विशेष कार्यक्रम के लिए बड़ी तैयारी की जा रही है. 25 नवंबर को होने वाले इस आयोजन में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट 8 से 10 हजार अतिथियों को आमंत्रित करने वाला है. खास बात यह है कि साल 2022 के बाद से जिन लोगों ने राम मंदिर निर्माण में दान दिया है, उन्हें भी इस कार्यक्रम में बुलाने की पूरी योजना तैयार की जा रही है.
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सम्मानित किए जाएंगे ये लोग
इसके अलावा, मंदिर निर्माण में जुड़े सभी लोगों, संस्थाओं और कंपनियों का सम्मान भी किया जाएगा. 25 नवंबर के बाद एक अलग विशेष सम्मान समारोह का आयोजन होगा. इसमें उन सभी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने किसी भी तरह से राम मंदिर के निर्माण में अपना योगदान दिया है. यह समारोह सभी योगदानकर्ताओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक सुंदर तरीका होगा।इस तरह अयोध्या का राम मंदिर न केवल एक भव्य इमारत बनकर तैयार हुआ है, बल्कि यह लाखों भक्तों की आस्था और एकता का प्रतीक भी बन गया है.
निर्माण और उद्घाटन
(2020-2024)फरवरी 2020 में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन हुआ. 5 अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूमि पूजन किया, जो कोविड-19 महामारी के बीच एक ऐतिहासिक क्षण था. निर्माण मार्च 2020 से शुरू हुआ, जिसमें नागर शैली का भव्य मंदिर बनाया जा रहा है 360 फुट लंबा, 235 फुट चौड़ा, 161 फुट ऊँचा। 3,400 करोड़ रुपये के दान से कार्य तेजी से चला। 22 जनवरी 2024 को प्राण प्रतिष्ठा समारोह में नई राम लला मूर्ति स्थापित हुई, जिसे पीएम मोदी ने संपन्न किया. मंदिर का पहला चरण जनता के लिए खुल गया.
