उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) सरकार ने एक बार फिर प्रशासन को मजबूत बनाने के लिए बड़ा फेरबदल किया है. इस बार राज्य में कुल 46 आईएएस अधिकारियों और 27 पीसीएस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं. सरकार का मानना है कि इससे प्रशासनिक कामकाज और ज्यादा सुचारू, तेज और प्रभावी हो जाएगा. इस सूची में तीन बड़े मंडलायुक्त, एक सचिवालय का सचिव, दस जिलों के जिलाधिकारी (डीएम) और छह मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) शामिल हैं। इन बदलावों से पूरे प्रदेश में विकास कार्यों को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है.
सरकार ने तीन मंडलों के कमिश्नरों को बदला है. मिर्जापुर के मौजूदा मंडलायुक्त आईएएस बालकृष्ण त्रिपाठी को अब लखनऊ के सचिवालय में सामान्य प्रशासन विभाग का सचिव बनाया गया है. उनकी जगह पर आईएएस राजेश कुमार को मिर्जापुर का नया मंडलायुक्त नियुक्त किया गया है. इसी तरह, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल को भी नई जिम्मेदारी दी गई है. ये बदलाव मंडल स्तर पर प्रशासन को और मजबूत बनाने के लिए किए गए हैं.
दस जिलों के जिलाधिकारी बदले गए
इस फेरबदल में दस जिलों के डीएम को नई जगह भेजा गया है. उदाहरण के लिए, आईएएस कृतिका ज्योत्सना को अब बस्ती का जिलाधिकारी बनाया गया है. हाथरस के डीएम राहुल पांडे को विशेष सचिव, राज्य कर विभाग में भेजा गया है. कौशांबी के डीएम मधुसूदन हुल्गी को विशेष सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है. बलरामपुर और कौशांबी के डीएम भी बदले गए हैं. इसके अलावा वाराणसी, मिर्जापुर और बस्ती जैसे महत्वपूर्ण जिलों में नए अधिकारियों को तैनात किया गया है. इन बदलावों का मकसद जिले स्तर पर निगरानी को और सख्त और कारगर बनाना है, ताकि जनता की समस्याओं का जल्दी समाधान हो सके.
छह जिलों के मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) बदले
मुख्य विकास अधिकारियों में भी बड़े बदलाव हुए हैं। आईएएस वंदिता श्रीवास्तव को कुशीनगर का सीडीओ बनाया गया है. प्रखर कुमार सिंह को वाराणसी का सीडीओ नियुक्त किया गया है. रामपुर के सीडीओ नंद किशोर कलाल को अब गाजियाबाद विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष बनाया गया है. ये सीडीओ जिले में विकास योजनाओं को लागू करने और उनकी निगरानी करने का काम करते हैं, इसलिए इनकी नियुक्ति से ग्रामीण और शहरी विकास में तेजी आने की उम्मीद है.
वाराणसी में खास बदलाव और अन्य नियुक्तियां
वाराणसी शहर में प्रशासन को और चुस्त बनाने के लिए विशेष बदलाव किए गए हैं. आईएएस हिमांशु नागपाल को वाराणसी का नगर आयुक्त बनाया गया है, जो शहर की सफाई, पानी, सड़क जैसी सुविधाओं की देखभाल करेंगे. आईएएस पूर्ण वोहरा को वाराणसी विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है. इसके अलावा आईएएस धनलक्ष्मी को मत्स्य विभाग का महानिदेशक (डीजी) बनाया गया है। ये नियुक्तियां वाराणसी जैसे धार्मिक और पर्यटन महत्व वाले शहर को और बेहतर बनाने के लिए की गई हैं.
27 सीनियर पीसीएस अधिकारियों के तबादले
योगी सरकार ने 27 वरिष्ठ पीसीएस अधिकारियों को भी नई जगह भेजा है. इनमें सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) और एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (एडीएम) स्तर के अधिकारी शामिल हैं. उदाहरण के तौर पर, अरुण कुमार सिंह, जो बाराबंकी में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) थे, उन्हें अब मुरादाबाद मंडल का अपर आयुक्त बनाया गया है। निरंकार सिंह, जो गोरखपुर नगर निगम में अपर नगर आयुक्त थे, उन्हें बाराबंकी में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) की जिम्मेदारी दी गई है. इसी तरह, अरविंद कुमार द्विवेदी, जो मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण के सचिव थे, उन्हें फिरोजाबाद में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) बनाया गया है। ये बदलाव छोटे-छोटे स्तर पर प्रशासन को चुस्त करने के लिए हैं.
सरकार का मुख्य उद्देश्य
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर किए गए ये सारे तबादले प्रशासन को नया जोश देने के लिए हैं. सरकार चाहती है कि विकास के कामों में कोई ढिलाई न हो, जनता से जुड़ी योजनाएं समय पर पूरी हों और हर स्तर पर पारदर्शिता रहे. इसलिए ऐसे अधिकारियों को महत्वपूर्ण जगहों पर भेजा गया है, जिनका पिछले काम का रिकॉर्ड बहुत अच्छा रहा है. सचिवालय में भी कुछ अहम बदलाव हुए हैं, जिससे सरकारी फैसले जल्दी और सही तरीके से लिए जा सकें. कुल मिलाकर, ये फेरबदल उत्तर प्रदेश के प्रशासन को और मजबूत, तेज और जनता के लिए फायदेमंद बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है.
