‘थैंक यू फॉर कमिंग और डबल एक्सएल जैसी फिल्मों में अपनी भूमिकाओं से पहचान बनाने वाली एक्ट्रेस और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर डॉली सिंह (Dolly Singh) ने हाल ही में दिल्ली में एक युवा महिला के रूप में बड़े होने के अनुभवों के बारे में खुलकर बात की. ज़ूम के साथ एक खास बातचीत में, डॉली ने बताया कि महिलाओं को छोटे उम्र से ही समाज में उत्पीड़न और असुरक्षा का सामना करना पड़ता है.
डॉली सिंह ने अपने कॉलेज और दिल्ली में रहने के दिनों को याद करते हुए बताया कि उन्हें सिर्फ बड़े पुरुषों से ही नहीं, बल्कि छोटे स्कूली बच्चों से भी अनुचित व्यवहार का सामना करना पड़ा. उन्होंने कहा कि यमुना विहार में रहने के दौरान दिल्ली यूनिवर्सिटी जाने के लिए उन्हें बस का इस्तेमाल करना पड़ता था. वह बताती हैं, ‘बस से आती थी, तो कई बार मेरी छुट्टी दिन में होती थी. उस समय 1:30 बजे तक सरकारी स्कूल के बच्चे भी छुट्टी पर होते थे.’
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वे दंगा मचाते थे
उन्होंने आगे बताया कि ये बच्चे उनके लिए बहुत मुश्किल खड़ी कर देते थे. वे छोटे बच्चे थे, फिर भी इतना दंगा मचाते थे. वे लड़कियों को अश्लील बातें कहते, पत्थर फेंकते, और बस स्टैंड से हमारे पीजी तक सुरक्षित पहुंचना भी मुश्किल बना देते थे,’ डॉली ने सवाल उठाया कि ये बच्चे इतनी छोटी उम्र में ऐसा व्यवहार क्यों सीख रहे थे. 5th क्लास के बच्चे जिन्हें खिलौनों से खेलना चाहिए उनके मन में ऐसे विचार कैसे आ रहे हैं?.
बाइक सवारों का पीछा
डॉली ने एक और भयावह घटना का जिक्र किया जिसमें कुछ बाइक सवार देर शाम उनका और उनके दोस्तों का पीछा कर रहे थे. उन्होंने पुलिस से शिकायत की, लेकिन पुलिस का रुख निराशाजनक रहा. डॉली बताती हैं, “एक बार हमने पुलिस को शिकायत की थी कि कुछ बाइक वाले हमारा पीछा कर रहे हैं. पुलिस आई और उसने हमसे कहा, ‘आप बाहर क्या कर रहे हैं?’ उस समय रात सिर्फ 8 बजे थे, आधी रात भी नहीं थी. हमें ऐसा लगा कि उनकी तरफ से हमें कोई सुरक्षा नहीं मिली.’
महिला होने की चुनौती
डॉली सिंह का यह खुलासा दिखाता है कि दिल्ली जैसे बड़े शहर में भी महिलाओं को छोटे और बड़े दोनों स्तर पर उत्पीड़न और असुरक्षा का सामना करना पड़ता है. स्कूल की उम्र के बच्चों से लेकर बाइक सवारों तक, महिलाओं को अपने दैनिक जीवन में हमेशा सतर्क रहना पड़ता है. उन्होंने अपने अनुभव साझा कर यह मैसेज भी दिया कि महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों का सम्मान हर स्तर पर जरूरी है.
रिंग्स अवॉर्ड्स
हाल ही में डॉली सिंह का रिंग्स अवॉर्ड्स पाने वाली पहली भारतीय कंटेंट क्रिएटर बनी है. उन्होंने अपनी एक हालिया पोस्ट में इस अचीवमेंट के बारे में बात की. उन्होंने कहा, ‘जब मुझे इस अवार्ड के बारे में पहली बार पता चला, तो मैं बहुत इमोशल हो गई और मेरी आंखों में आंसूआ गए. यह मेरे लिए एक तरह की मान्यता थी. पिछले कुछ सालों में, मैंने बहुत सारे नए एक्सपेरिमेंट्स किए, जोखिम उठाए, और ऐसी चीज़ें कीं जो दूसरों से अलग थी. इस दौरान मुझे कई बार असफलताओं का सामना करना पड़ा और मेरे काम पर कई सवाल भी उठे. लेकिन यह अवार्ड मेरे लिए मेरी मेहनत और हिम्मत का सम्मान है.’ हर विनर को मशहूर फैशन डिज़ाइनर और इस साल के डिसाइडर पैनल की मेंबर ग्रेस वेल्स बोनर द्वारा डिज़ाइन की गई एक खास सोने की अंगूठी दी जाएगी.

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