केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अपने चार साल से चल रहे जांच में निष्कर्ष निकाला है कि दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) को उनके जीवनकाल में रिया चक्रवर्ती (Rhea Chakraborty) या किसी अन्य व्यक्ति ने ‘अवैध रूप से बंधक बनाया, धमकी दी या आत्महत्या के लिए उकसाया’, ऐसा कोई सबूत नहीं मिला. एजेंसी की क्लोजर रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि रिया ने सुशांत की कोई संपत्ति या पैसे का गबन नहीं किया. रिपोर्ट से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, सुशांत ने रिया को ‘परिवार’ कहा था, और इस बात से यह स्पष्ट होता है कि उनके संबंध सामान्य और स्नेही थे.
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि आरोपी व्यक्ति 8 जून, 2020 से 14 जून, 2020 तक सुशांत के फ्लैट में मौजूद नहीं थे, जिस दिन सुशांत का निधन हुआ. रिपोर्ट में बताया गया कि सुशांत ने 10 जून को शोविक चक्रवर्ती से व्हाट्सएप पर बात की थी, उस समय रिया उनसे संपर्क में नहीं थी. वहीं, उनकी बहन मीतू सिंह 8 जून से 12 जून तक उनके साथ थी.
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सीबीआई का निष्कर्ष
सीबीआई ने यह स्पष्ट किया कि रिया और उनके भाई ने 8 जून को सुशांत का घर छोड़ते समय केवल निजी सामान एप्पल लैपटॉप और घड़ी ले लिया, और किसी भी संपत्ति को बेईमानी से हड़पने का कोई सबूत नहीं मिला. रिपोर्ट ने यह भी नोट किया कि सुशांत के वित्तीय मामलों का प्रबंधन उनके चार्टर्ड अकाउंटेंट और वकील द्वारा किया जाता था. इसके अलावा, रिया से जुड़े खर्च- जैसे 2019 में उनकी यूरोप यात्रा वैध और स्वैच्छिक थे.
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परिवार की प्रतिक्रिया
सुशांत के परिवार ने सीबीआई के निष्कर्ष को अधूरा और भ्रामक बताया. उनके वकील, वरुण सिंह, ने कहा, ‘यह सिर्फ़ दिखावा है। अगर सीबीआई सच में न्याय करना चाहती थी, तो उसे मामले से जुड़े सभी दस्तावेज़ जैसे चैट, तकनीकी रिकॉर्ड, गवाहों के बयान और मेडिकल रिकॉर्ड पेश करने चाहिए थे. हम इस क्लोज़र रिपोर्ट के ख़िलाफ़ विरोध याचिका दायर करेंगे, क्योंकि यह एक घटिया जांच पर आधारित है.’ वरुण सिंह ने आगे कहा, ‘सिर्फ़ यह कहना कि सुशांत के खाते से पैसे गलत तरीके से नहीं निकाले गए, पर्याप्त नहीं है. सीबीआई को बैंक स्टेटमेंट सहित सबूत पेश करने चाहिए थे.’
अदालत में कानूनी लड़ाई जारी
सीबीआई की जांच में दो मामले शामिल थे, सुशांत के पिता केके सिंह द्वारा दायर मामला, जिसमें आत्महत्या के लिए उकसाने और वित्तीय शोषण का आरोप था. रिया द्वारा मुंबई में सुशांत की बहनों के खिलाफ दर्ज मामला. अब इस क्लोज़र रिपोर्ट की अगली सुनवाई 20 दिसंबर को पटना की अदालत में होगी, जहां अदालत रिपोर्ट की समीक्षा करेगी.
सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव
सुशांत सिंह राजपूत के निधन का मामला देशभर में बहस और आक्रोश का कारण बना. बिहार और मुंबई में राजनीतिक स्तर पर भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई. परिवार ने लंबे समय से न्याय पाने की उम्मीद जताई है और कहा है कि वे असली सच को सामने लाने के लिए संघर्ष जारी रखेंगे.

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