भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कोई नई बात नहीं है, लेकिन इस बार खुद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने जो स्वीकारोक्ति की है, वो हर हिंदुस्तानी को गौरव और गंभीरता—दोनों का अनुभव कराती है।शहबाज़ शरीफ़ ने एक सम्मेलन के दौरान ये कबूल किया कि पाकिस्तान की ओर से भारत पर हमला करने की तैयारी थी। तारीख़ थी 10 मई, समय था सुबह 4:30 बजे। लेकिन इससे पहले कि पाकिस्तान अपनी योजना को अंजाम दे पाता, भारतीय वायुसेना ने अपने पराक्रम और रणनीति से पाकिस्तान की योजना को ध्वस्त कर दिया।
भारतीय वायुसेना ने रावलपिंडी और चकवाल स्थित पाकिस्तान के नोहर खान और मुरिद एयरबेस को ब्रह्मोस मिसाइलों से निशाना बनाया। इस सटीक और समय पर कार्रवाई ने पाकिस्तान की हमलावर मंशा को पूरी तरह से नाकाम कर दिया।इससे पहले, 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में भारत ने अपने 26 नागरिकों को खो दिया था। इसके बाद भारत ने 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया। इस ऑपरेशन में भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके में मौजूद आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाकर जवाब दिया। इस हमले में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के कई बड़े ठिकाने तबाह कर दिए गए।
( Indiataaza.in )
पाकिस्तान ने हमेशा की तरह जवाबी कार्रवाई का दावा किया और कहा कि उन्होंने भारत के 5 फाइटर जेट मार गिराए हैं। लेकिन सच्चाई ये है कि इस दावे को साबित करने के लिए उनके पास कोई पुख्ता सबूत नहीं है।10 मई को भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम घोषित कर दिया गया। हालांकि सीमा पर अभी भी सतर्कता बरती जा रही है, लेकिन इस घटनाक्रम ने एक बार फिर ये साबित कर दिया कि भारत की रक्षा तैयारियां हर परिस्थिति में सक्षम और सजग हैं।