Rahul Gandhi Haryana Vote Chori : हरियाणा के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने ‘वोट चोरी’ का बड़ा आरोप लगाया था. लेकिन इस मामले में एक बहुत ही अजीब और हास्यास्पद मोड़ आ गया. हुआ यूं कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उसमें उन्होंने भाजपा पर चुनाव में धांधली करने का इल्ज़ाम लगाया. उन्होंने कुछ मतदाता पहचान पत्र (वोटर आईडी कार्ड) दिखाए और कहा कि एक ही महिला की तस्वीर कई अलग-अलग वोटर आईडी पर लगी हुई है.
इससे लगता है कि फर्जी वोट डाले गए हैं. लेकिन असलियत कुछ और निकली! वो तस्वीर किसी भारतीय महिला की नहीं थी. वो ब्राज़ील की एक मशहूर मॉडल और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर लारिसा की पुरानी फोटो थी. ये फोटो कई साल पहले की थी, जब लारिसा सिर्फ 18 या 20 साल की थी. किसी ने गलती से या जानबूझकर इस फोटो को भारतीय वोटर आईडी कार्ड पर चिपका दिया था.
ब्राज़ीलियाई मॉडल लारिसा की हैरानी भरी प्रतिक्रिया
लारिसा को जब पता चला कि उनकी फोटो भारत की राजनीति में घसीट ली गई है, तो वे चौंक गईं. उन्होंने पुर्तगाली भाषा में एक वीडियो बनाया, जो बाद में हिंदी और अंग्रेजी में अनुवाद करके सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. वीडियो में लारिसा हंसते-हंसते कह रही हैं, ‘दोस्तों, मुझे यकीन नहीं हो रहा कि ये लोग क्या बातें कर रहे हैं! वे मेरी एक बहुत पुरानी तस्वीर इस्तेमाल कर रहे हैं.उस समय मैं सिर्फ 18 या 20 साल की थी. अब वे मुझे भारतीय बता करके लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं. ये क्या पागलपन है? हम किस दुनिया में जी रहे हैं भाई? यह वीडियो सबसे पहले फैक्ट-चेक करने वाले मोहम्मद जुबैर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया. जुबैर ने साफ बताया कि राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखाई गई तस्वीर किसी भारतीय मतदाता की नहीं है. इसके बाद इंटरनेट पर तहलका मच गया. लोग मीम्स बना रहे थे, कुछ हंस रहे थे, तो कुछ गुस्सा होकर पूछ रहे थे कि आखिर ये फोटो वोटर आईडी पर कैसे पहुंच गई?.’
असली भारतीय महिला का बयान
सीएनएन-न्यूज़18 चैनल ने उन महिलाओं में से एक से बात की, जिनके वोटर आईडी कार्ड पर लारिसा की फोटो लगी थी. उस महिला का नाम पिंकी जुगिंदर कौशिक है. पिंकी ने बड़े आराम से सारी बात साफ की. उन्होंने कहा, ‘हां, मैं खुद अपने गाँव के स्कूल में वोट डालने गई थी. मेरा नाम तो सही था, लेकिन फोटो गलत लग गई थी. किसी और की तस्वीर चिपका दी गई थी.ये बस एक छोटी सी क्लर्क की गलती थी.फिर भी मैंने अपनी वोटिंग स्लिप दिखाई और आराम से वोट डाल दिया. किसी ने मुझे वोट डालने के लिए मजबूर नहीं किया. सब कुछ ठीक-ठाक हुआ. यानी फोटो का गलत लगना कोई बड़ी साजिश नहीं थी, बल्कि ऑफिस में कागजी काम करने वाले कर्मचारी की लापरवाही थी.
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राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या-क्या कहा?
राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस बहुत जोर-शोर से शुरू हुई. सबसे पहले स्क्रीन पर लारिसा की तस्वीर दिखाई गई और बड़ा सवाल लिखा था, ‘ये कौन है?”राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि हरियाणा के 2024 विधानसभा चुनाव में भाजपा ने बड़े पैमाने पर धांधली की. उन्होंने कहा, ‘एक ही महिला की तस्वीर कम से कम 10 अलग-अलग पोलिंग बूथ (मतदान केंद्र) पर 22 बार इस्तेमाल हुई है. इस महिला के कई सारे नाम हैं. भाजपा ने फर्जी वोट डालकर और डाक मतपत्रों (पोस्टल बैलट) में गड़बड़ी करके चुनाव जीता. कांग्रेस सिर्फ 22,000 वोटों से हारी, लेकिन ये फर्जीवाड़ा बहुत बड़ा है. उन्होंने कई और उदाहरण भी दिए. मिसाल के तौर पर:होडल इलाके के गुधराना गाँव में एक घर (मकान नंबर 150) पर 66 मतदाता दर्ज हैं. दूसरे घर पर तो 501 मतदाता दिख रहे हैं! राहुल गांधी का कहना था कि इतने सारे लोग एक ही घर में कैसे रह सकते हैं? ये साफ धांधली है.
चुनाव आयोग और मीडिया की जांच में क्या निकला?
चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के सारे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. आयोग ने कहा, ‘कांग्रेस के अपने पोलिंग एजेंट (मतदान केंद्र पर पार्टी के प्रतिनिधि) ने चुनाव के दिन कोई शिकायत नहीं की. अगर कोई गड़बड़ी होती, तो उसी समय आवाज़ उठाई जा सकती थी. दूसरी तरफ, अखबार ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ ने खुद जाकर उन जगहों की जांच की. रिपोर्ट में पता चला वो घर कोई छोटा-मोटा मकान नहीं था.वो एक बड़ा भूखंड था, जहां एक ही परिवार की चार पीढ़ियां रहती हैं. सभी लोग अलग-अलग कमरों या मकानों में रहते हैं, लेकिन पुराने रिकॉर्ड में सबका मकान नंबर एक ही है. इसलिए 66 या 501 मतदाता होना बिल्कुल सामान्य है. कोई फर्जीवाड़ा नहीं यानी राहुल गांधी के कई बड़े-बड़े उदाहरण गलत साबित हो गए.
