बांग्लादेश की राजनीति में इस समय बड़ा उथल-पुथल चल रहा है। देश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना (Sheikh Hasina) की मुश्किलें अब तेजी से बढ़ती जा रही हैं. हाल ही में ढाका की एक अदालत ने उन्हें और उनके 260 समर्थकों को देशद्रोह के एक मामले में ‘फरार आरोपी’ घोषित कर दिया है.
ढाका महानगरीय मजिस्ट्रेट कोर्ट ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को देशद्रोह के मामले में फरार घोषित कर दिया. उनके साथ इस केस में कुल 260 अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है, जिन्हें अदालत में पेश न होने के कारण “फरार” माना गया है.
संवैधानिक व्यवस्था को गिराने की साजिश
यह मामला इस साल दर्ज हुए उस देशद्रोह केस से जुड़ा है, जिसमें सरकार विरोधी गतिविधियों और संवैधानिक व्यवस्था को गिराने की साजिश के आरोप लगाए गए थे. सीआईडी (क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट) की ओर से न केवल अदालत में रिपोर्ट पेश की गई, बल्कि दो बड़े अखबारों में फरारी का नोटिस भी प्रकाशित किया गया। यह नोटिस अंग्रेजी अखबार The Daily Star और बांग्ला अखबार अमर देश में पब्लिश हुआ है. इसमें सभी 261 आरोपियों को 11 नवंबर तक अदालत में पेश होने का आदेश दिया गया है.
CID की जांच और आरोपों की पूरी कहानी
सीआईडी अधिकारियों के मुताबिक, यह जांच बांग्लादेश के गृह मंत्रालय की अनुमति से शुरू की गई थी. कार्रवाई Criminal Procedure Code (CrPC) की धारा 196 के तहत की गई, जो देशद्रोह जैसे गंभीर मामलों के लिए लागू होती है. जांच एजेंसियों ने डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया पर सक्रिय ‘Joy Bangla Brigade’ नामक एक संगठन को इस साजिश के केंद्र में बताया है। यह संगठन ऑनलाइन गतिविधियों के माध्यम से सरकार विरोधी प्रचार कर रहा था और कथित तौर पर विदेशों से भी सहयोग प्राप्त कर रहा था.
CID की चार्जशीट में क्या कहा गया?
सीआईडी की चार्जशीट में कहा गया है कि इस ब्रिगेड ने देश और विदेश में मिलकर वैधानिक सरकार को गिराने और बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन की साजिश रची. एजेंसी ने जांच के दौरान इलेक्ट्रॉनिक सर्विस प्रोवाइडर, सर्वर और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से जुटाए गए डिजिटल सबूतों की फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट भी अदालत में सौंपी है. इस पूरी जांच के बाद सीआईडी ने 286 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, जिसमें शेख हसीना का नाम भी शामिल है.
अदालत का आदेश और नोटिस जारी
ढाका महानगर मजिस्ट्रेट कोर्ट-17 के जज अरिफुल इस्लाम ने पिछले गुरुवार को आदेश जारी किया कि शेख हसीना और 260 अन्य लोगों को फरार घोषित किया जाए. अदालत के निर्देश पर सीआईडी ने अखबारों में नोटिस प्रकाशित कराया ताकि सभी आरोपी तय समय सीमा के अंदर अदालत में पेश हों. नोटिस में कहा गया है कि अगर वे 11 नवंबर तक अदालत में पेश नहीं होते हैं, तो अगली प्रक्रिया में अदालत उनकी संपत्तियों की जब्ती और आगे की कानूनी कार्यवाही शुरू कर सकती है.
तख्तापलट के बाद भारत आई थीं शेख हसीना
यह पूरी कहानी उस राजनीतिक संकट से जुड़ी है जो 5 अगस्त 2024 को बांग्लादेश में तख्तापलट की कोशिश के दौरान सामने आई थी. उस दिन ढाका में प्रदर्शनकारियों ने उनके निवास पर हिंसक हमला कर दिया था. सुरक्षा बल हालात संभाल नहीं पाए, जिसके बाद शेख हसीना को बांग्लादेश वायुसेना के विशेष विमान से सुरक्षित निकालकर भारत लाया गया था. वह भारत के गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरबेस पर उतरीं, जहां भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्हें एक गुप्त और सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया. सूत्रों के अनुसार, भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने उनकी सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम किए हैं. वह इस समय भारत में अज्ञात स्थान पर रह रही हैं, जहां उन पर विशेष निगरानी रखी जा रही है.
दिल्ली में महसूस होती है आजादी
हाल ही में एक विदेशी मीडिया को दिए इंटरव्यू में शेख हसीना ने कहा कि भारत आने के बाद उन्हें शांति और सुरक्षा का एहसास हुआ है. उन्होंने कहा, ‘दिल्ली में मैं खुद को आजाद महसूस करती हूं. वहां मुझे किसी राजनीतिक डर या खतरे का सामना नहीं करना पड़ रहा है.’ लेकिन बांग्लादेश में उनके खिलाफ चल रहे कानूनी मामलों से उनकी राजनीतिक वापसी मुश्किल में पड़ गई है.

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