Mokama Murder Case: बिहार में चुनाव का माहौल पूरी तरह गरमाया हुआ है. ऐसे में पटना जिले के मोकामा टाल इलाके से एक बहुत ही चौंकाने वाली और दुखद खबर आई है. गुरुवार को यहां दो गुटों के बीच झड़प हो गई, जिसमें मारपीट हुई और फायरिंग भी चली. इस घटना में जनसुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के एक समर्थक और पूर्व आरजेडी नेता दुलारचंद यादव को गोली मारकर हत्या कर दी गई. बताया जा रहा है कि उस समय दुलारचंद यादव अपने कुछ साथियों के साथ पीयूष प्रियदर्शी के लिए चुनाव प्रचार कर रहे थे.
स्थानीय लोगों और सूत्रों के अनुसार, मोकामा टाल के एक गांव में चुनाव प्रचार चल रहा था. तभी दो पक्षों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई. देखते-देखते यह कहासुनी बढ़ती गई और दोनों तरफ से लोग एक-दूसरे पर टूट पड़े. मारपीट शुरू हुई और फिर गोलियां चलने लगी. इसी दौरान दुलारचंद यादव को सीने में गोली लगी. गोली लगते ही वे जमीन पर गिर पड़े और मौके पर ही उनकी मौत हो गई. गोलियों की आवाज सुनकर पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई. लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे. कुछ लोग तो डर के मारे घरों में छिप गए. पीयूष प्रियदर्शी और दुलारचंद यादव एक-दूसरे के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं, इसलिए यह घटना उनके लिए और भी बड़ा झटका है.
#WATCH | Mokama, Bihar: Jan Suraaj worker Dularchand Yadav shot dead during firing between the two sides while campaigning for elections. Visuals from the area. pic.twitter.com/2mJoqouc3C
— ANI (@ANI) October 30, 2025
दुलारचंद यादव कौन थे?
दुलारचंद यादव मोकामा टाल इलाके में एक जाना-माना नाम थे. कोई भी व्यक्ति उन्हें अनजान नहीं कह सकता. वे कभी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के बहुत सक्रिय कार्यकर्ता रहे थे और लालू प्रसाद यादव के बहुत करीबी माने जाते थे. 1990 के दशक में जब लालू यादव बिहार के मुख्यमंत्री थे, उस समय दुलारचंद यादव की इस इलाके में बहुत मजबूत पकड़ थी. कहा जाता है कि उन्होंने आरजेडी के जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को इकट्ठा करने और पार्टी को मजबूत बनाने में बड़ा योगदान दिया था. राजनीति के अलावा उनका सामाजिक दायरा भी बहुत बड़ा था. वे लोगों की मदद करते थे और इलाके के कई कार्यक्रमों में शामिल होते थे.
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मोकामा सीट से लड़ रहे थे चुनाव
हाल के कुछ सालों में दुलारचंद यादव ने जनसुराज आंदोलन का समर्थन करना शुरू कर दिया था. वे मोकामा सीट से चुनाव लड़ रहे पीयूष प्रियदर्शी के बहुत करीबी बन गए थे. कुछ दिन पहले ही उन्होंने एक चुनावी गीत गाया था, जो लल्लू मुखिया के समर्थन में था. यह गीत सोशल मीडिया पर बहुत वायरल हो गया था और लोगों को काफी पसंद आ रहा था. दुलारचंद यादव की मेहनत और लोकप्रियता की वजह से पीयूष प्रियदर्शी के प्रचार में उनकी भूमिका बहुत महत्वपूर्ण थी.
मोकामा टाल का पुराना इतिहास
मोकामा टाल इलाका हमेशा से ही राजनीति के लिहाज से बहुत संवेदनशील रहा है. यहां राजनीति और अपराध का गहरा संबंध देखने को मिलता रहा है। बड़े-बड़े बाहुबली और पुराने राजनीतिक नेता इस इलाके से जुड़े रहे हैं। कई बार यहां हिंसा, मारपीट और गोलीबारी की घटनाएं हो चुकी हैं, जिसकी वजह से यह इलाका अक्सर सुर्खियों में रहता है। दुलारचंद यादव की हत्या ने एक बार फिर इस इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। लोग पूछ रहे हैं कि चुनाव के समय इतनी बड़ी घटना कैसे हो गई? क्या पुलिस और प्रशासन की तैयारी पर्याप्त थी?.
पुलिस क्या कर रही है?
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई. मौके से पुलिस ने कुछ खाली कारतूस (खोखे) बरामद किए हैं. इलाके में छापेमारी चल रही है और पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है. बाढ़ के ASP ने बताया कि शुरुआती जांच में यह मामला आपसी झड़प का लग रहा है. हो सकता है कि यह किसी पुरानी रंजिश या राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई की वजह से हुआ हो. घटना के तुरंत बाद ASP बाढ़, ग्रामीण SP और SSP पटना खुद मौके पर पहुंचे. उन्होंने पूरे इलाके का जायजा लिया और हालात को काबू में करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया. अब पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है. उम्मीद है कि जल्द ही दोषियों को पकड़ लिया जाएगा.

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