गंगटोक, 1 जून 2025 —
जब देश के कई हिस्से गर्मी की तपिश से झुलस रहे हैं, सिक्किम इस समय एक अलग ही संकट से जूझ रहा है। यहां पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलधार बारिश ने न सिर्फ जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है |

जब देश के कई हिस्से गर्मी की तपिश से झुलस रहे हैं, सिक्किम इस समय एक अलग ही संकट से जूझ रहा है। यहां पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलधार बारिश ने न सिर्फ जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है, बल्कि पर्यटन का केंद्र कहे जाने वाले लाचेन और लाचुंग जैसे इलाकों में 1,500 से ज्यादा पर्यटक फंस गए हैं।ये वो सैलानी हैं जो पहाड़ों की खूबसूरती और ठंडी फिजाओं में सुकून की तलाश में आए थे, लेकिन प्रकृति के प्रकोप ने इनकी छुट्टियों को डर और बेचैनी में बदल दिया है।
सड़कें बंद, रास्ते जाम, नेटवर्क ठप
लाचेन और लाचुंग को जोड़ने वाले मुख्य रास्तों पर भारी भूस्खलन हुआ है। मंगन जिले के पुलिस अधीक्षक सोनम देचू भूटिया ने बताया कि “लाचेन में करीब 115 और लाचुंग में लगभग 1,350 पर्यटक फंसे हुए हैं। सभी को सुरक्षित होटलों में ठहराया गया है, लेकिन रास्ते बंद होने के कारण उन्हें निकालने में अभी समय लगेगा।”इस क्षेत्र में बिजली और मोबाइल नेटवर्क भी ठप हो गया था, जिससे सैलानियों का अपनों से संपर्क टूट गया। शुक्रवार को बिजली गुल हो गई थी, जो शनिवार शाम को आंशिक रूप से बहाल की गई। मोबाइल नेटवर्क लगभग 24 घंटे बाद धीरे-धीरे फिर से चालू हुआ।
हादसा
इस प्राकृतिक आपदा में एक दर्दनाक हादसा भी सामने आया, गुरुवार रात को मंगन जिले के मुन्सिथांग इलाके में एक पर्यटक वाहन 1,000 फीट गहरी खाई में गिर गया और तीस्ता नदी में समा गया। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, दो लोग घायल हुए और आठ लोग लापता हैं।स्थानीय प्रशासन, NDRF और सेना की टीमें लापता लोगों की तलाश में जुटी थीं, लेकिन लगातार हो रही बारिश और तीस्ता नदी का बढ़ता जलस्तर राहत कार्यों में बड़ी बाधा बन गया। फिलहाल सर्च ऑपरेशन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है, लेकिन जैसे ही मौसम में सुधार आएगा, तलाशी फिर शुरू की जाएगी।
प्रशासन की चुनौती और तैयारी
मंगन के जिलाधिकारी अनंत जैन ने मीडिया को बताया, “हालात मुश्किल हैं, लेकिन हम हर संभव प्रयास कर रहे हैं। लाचेन और लाचुंग में फंसे पर्यटकों को सुरक्षित रखा गया है, उन्हें भोजन और आवश्यक चीजें उपलब्ध करवाई जा रही हैं। मौसम साफ होने पर सड़कों की मरम्मत कर उन्हें बाहर निकाला जाएगा।”
मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगन, ग्यालशिंग और सोरेंग जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 48 घंटे में बारिश और तेज हो सकती है, जिससे और भूस्खलन की आशंका बनी हुई है।
लाचुंग में फंसे दिल्ली के एक पर्यटक विवेक शर्मा का कहना है, “हमने सोचा था कि गर्मियों से राहत मिलेगी, लेकिन यहां हालात बहुत खराब हैं। मोबाइल नेटवर्क नहीं था, घरवाले परेशान हो गए थे। अब बस यही चाहते हैं कि जल्दी से घर पहुंच जाएं।”
सिक्किम इस समय एक गंभीर प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है। पहाड़ों की खूबसूरती के बीच जिंदगी की असलियत बहुत कठिन हो जाती है, और यही सिक्किम में आज हो रहा है। सरकार और प्रशासन लगातार काम कर रहे हैं, लेकिन प्रकृति के सामने हर प्रयास एक चुनौती बन जाता है।
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